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कॉलेज के संयुक्त प्रोजेक्ट वर्क में सीनियर से नजदीकी बढाई फिर उसे विवाह के लिए प्रस्ताव दिया। जन्म दिन मनाने के बहाने से बुलाकर लड़की का बलात्कार किया और उसकी अश्लील वीडियो बना ली जिसे दिखाकर लड़की को ब्लैक मेल करना चाहा। ये प्रयास असफल रहा लड़की पुलिस कार्यवाई से पीछे हटने को तैयार नही थी तब लड़की को झांसे में लेने के लिए उसे अपने घर परिवार से मिलवाया। पूरे परिवार ने लड़की को परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार करना प्रारंभ कर दिया ताकि लड़की उनके झांसे में फांसी रहे और कोई कार्यवाही न करे। परिवार का सबल मिलने से लड़के का हौसला बढ़ गया वह निरंतर लड़की का बलात्कार करता रहा। लड़के का पिता बालोद जिला कलेक्टर संबंधित अजाक विभाग में लेखपाल है ।लड़के की गलती को छिपाये रखने परिवार लड़की पर अपने पद व परिचय का धौस दिखाते हुए उसका बलपूर्वक 6-7 बार गर्भपात कराया। लड़की की हालत अत्यंत गंभीर होने और लड़की के घर वालो को चिकित्सकीय इलाज़ के दौरान मामले का पता चला। लड़की ने सोशल मीडिया ने अपनी आप बीती लिखकर मदद की गुहार लगाई।


Covid टाइम में मोस्ट वायरल मैसेज की अगर आपके खाते से 330/- कट रहे है तो ऐसे इंसान की मृत्यु पर क्लेम अमाउंट मिलेगा। लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, घुमका राजनांदगाव ने उक्त राशि लीगल अधिकारी को देने से मना कर दिया। एक दूसरी महिला से अनुचित लाभ लेकर उसे रकम देने के लिए प्रार्थी के कम पढ़े लिखे होने का फायदा उठाते हुए उनके साथ छल करते हुए, दबाव बनाकर नो ऑब्जेक्शन लेटर (NOC) में हस्ताक्षर करवा रहे थे। प्रार्थी के साथ गए एक सहयोगी ने ये होने से रोका और IHRO CG के स्टेट उपाध्यक्ष से संपर्क किया, CGIHRO ke उपाध्यक्ष और लीगल एडवाइजर यामिनी बघेल ने तुरंत संज्ञान में लेकर उसी दिन बैंक के मैनेजर से मिलकर उन्हें लिखित नोटिस दिया।


फॉर्च्यून फिश प्रोड्यूसर कंपनी, गुड़गांव हरियाणा के द्वारा देश के कई राज्यो में किसानों की मछली पालन के नाम पर करोड़ो रुपये लूटकर फरार हो गए है जिससे छत्तीसगढ़ क किसान भी अछूते नहीं रहे। कंपनी ने किसानो को ये कह कर लुभाया की ये मछली पालन सरकारी योजना हैं, और इस प्रति एक एकड़ में प्रोजेक्ट डेवेलोप करने के लिए 5 लाख रुपये प्रत्येक किसान से लिया कुछ किसानों से 11 लाख कुछ ने 25 लाख तक प्रोजेक्ट में लगये। जिसके बाद प्रति माह राशि जो कंपनी किसानो को प्रदान करने वाली थी नियमो क अनुसार वो भी नहीं किया। किसानो ने सम्बंधित विभागों में जा के अपनी शिकायते दर्ज करवानी चाही लेकिन कही पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिससे विचलित होकर कई किसान ने जिन्होंने क़र्ज़ लेके निवेश किया था अपने प्राणो को त्याग दिया हैं, कई डिप्रेशन में आ गये हैं। इसके बावजूद प्रशाशन से कोई भी प्रतिक्रिया न मिलने पर निराश होकर उन्होंने हमसे (अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन छत्तीसगढ़) संपर्क साधा और अपनी आप बीती बताई जिसे सुनते ही संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य चंद्राकर और प्रदेश उपाध्यक्ष एवम लीगल एडवाइजर यामिनी बघेल ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्परता दिखाई और सभी संबंधित विभाग में इसकी सूचना दी एवं व्यक्तिगत रूप से मुख्य मंत्री, गृह मंत्री, कृषि मंत्री, पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग, पुलिस अधीक्षक दुर्ग, चीफ जस्टिस ऑफ छत्तीसगढ़, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दुर्ग, से मुलाकात कर मामले की उनके समक्ष विस्तार से रखा और शीघ्र कार्यवाही कर किसानों को राहत पहुचने का निवेदन किया है। इसी संदर्भ में गृह मंत्री जी ने तुरंत कारवाही करने के लिए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंग को निर्देश दिया हैं। यामिनी बघेल नित प्रतिदिन व्यक्तिगत रूप से विभागों से संपर्क कर कारवाही किस दिशा में और कितनी प्रगति हुई हैं इसकी जानकारी स्वयं लेती हैं। इस मुहीम में किसानो को न्याय दिलवाने के लिये अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन छत्तीसगढ़ निशुल्क हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन छत्तीसगढ़ किसानो क साथ अंत तक रहेगा।

 


दिनांक 27/5/2021 को दुर्ग जिला सचिव श्रीमती सुषमा साल वेटकर mam को प्रार्थी का फोन आया। कि वह काफी परेशान है। उनके साथ धोखाधड़ी और मारपीट हुई है। सुषमा मैडम ने तत्काल निर्णय लेते हुए उनसे तत्काल मुलाकात की तो वहां पर दो दबंग औरते जो वहा पर उपस्थित थीं जिन्होंने प्रार्थी से मारपीट की और प्रार्थी से मुंह में चोटो के निशान थे।इसलिए तत्काल एक्शन लेते समस्या को समझ कर मुझे फोन से अवगत कराया। मैं जितेंद्र हासवानी तत्काल वहां जिला उपाध्यक्ष विकास जायसवाल और सूरज साहू जी के साथ पहुंचा। टीम ने मिलकर इस समस्या का निवारण किया। प्रदेश उपाध्यक्ष लीगल एडवाइजर यामिनी बघेल जी काफी सहयोग सराहनीय रहा। प्रार्थी को ₹380000 स्टांप नोटरी एग्रीमेंट में चेक से दिलवाए गए।


राजनांदगांव जिले के मेडिसिटी हॉस्पिटल से एक पीड़ित मरीज को हॉस्पिटल द्वारा दिये गए , शासन द्वारा निर्देशित गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए , नॉन कोविड मरीज को रेमडीसीवीर इंजेक्शन की मांग की गई । जिसमें तुरंत कार्यवाही करते हुए छत्तीसगढ़ अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार सगठन से हमारे प्रदेश अध्यक्ष आदित्य चंद्राकर , प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लीगल एडवाइजर यामिनी बघेल , दुर्ग जिला एवं संभाग अध्य्क्ष जितेन्द्र हासवानी जी ने , राजनांदगांव के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी से मिलकर चर्चा की तथा शासन से नॉन कोविड गंभीर मरीजो के लिए रेमडीसीवीर इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग रखी ,जिसे तुरत संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डोंगरगढ़ विधायक एवं अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्य्क्ष भुवनेश्वर बघेल जी से बात की , उनके द्वारा इस विषय को गम्भीरता से लेते हुए , चर्चा कर जल्द ही इस विषय मे ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया गया । छत्तीसगढ़ अंतरष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन इस विषय को गम्भीरता से लेने के लिए डोंगरगढ़ विधायक भुवनेश्वर बघेल जी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी मिथलेश चौधरी जी का आभार प्रगट करती है एवं भविष्य में इसी तरह की ततपरता की उम्मीद करती है ।


सेवा भारती मातृ छाया- दुर्ग में रुकी हुई शासकीय अनुदान राशि की समस्याओ के निवारण के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष एवं स्टेट लीगल एडवाइज़र ने मामले को संज्ञान में लेते हुए पहल की, और उन्हें वह सरकारी अनुदान राशि मुहैया करवाई गयी।


On 3rd October 2020 a family approached me for seeking help in admitting one of there family member Aged 50 into the hospital due to sudden fall in oxygen level. After hearing this I first enquired about the medical history detail which reveals that the patient was suffering from minor cold and cough since past few days, suddenly he started facing breathing issue. Thereafter we immediately took him to the government hospital near by where we asked doctors to do his Rapid Antibody Test (RAT), the result was negative. But he needed immediate ventilator support as per doctor’s suggestion. Soon we contacted many hospitals but everyone denied for ventilator bed for NON-COVID patient. After lot of efforts, we managed to find a hospital named HI-TECH Hospital, Nehru Nagar. As we reached casualty the management was not taking any immediate action instead was busy with paper work formality. By seeing the carelessness attitude and violation of human rights by hospital management towards such a serious case, I (State Conveyor (I.T. Cell), CGIHRO) stepped into the matter. Also, by understanding the need in this critical situation I demanded for immediate action. As a result of which hospital management taken the matter into priority and the patient was provided with all required medical facility at once. Post which every day counselling of doctor with the family members was also arranged. Still after 2 days no RT-PCR was called for. Due to which the case became more complicated and the patient didn’t survive. After death hospital performed RT-PCR test and the result was POSITIVE. If at that time I had not taken any immediate action then that day only patient would not have survived and the case could be easily converted to Natural Death rather than COVID Death. Due to this action of mine all the people who were in touch with patient all were able to take precautionary measure on time and save their life too. This also shows government and health authorities carelessness attitude and negligence towards patients in this pandemic. This case depicts OUR ONE ACTION CAN SAVE MANY LIVES AT TIMES


ज़िला बालोद में एक व्यक्ति की टोचन तार से पैर टकराने पर करंट से हुई मित्यु के पश्चात भी विद्युत विभाग या शासन कही से भी कोई मुआफ़जे की राशि प्राप्त नही होने पर छत्तीसगढ़ मानव अधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य चंद्राकर एवं प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश लीगल एडवाइजर यामिनी बघेल जी ने वहाँ के बिजली विभाग एवम जिला कलेक्टर से संपर्क साधा और तुरंत करवाई की मांग की गई। जिसके पश्चात विभाग अलर्ट हुआ और अब कार्यवाही प्रारम्भ हुई।


छत्तीसगढ़ अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन के स्टेट टीम ने कोविड के दौरान डॉ संतोष पटेल जांजगीर मालखरौदा के खिलाफ हुए फर्जी एफ आई आर एवं उनके समानार्थ डॉक्टर कातय्यनी एवं डॉ सिदार द्वारा किये गया भ्र्ष्टाचार का छत्तीसगढ़ अंतरष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन ने संज्ञान में लेते हुए उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट , एन्टी करप्शन ब्यूरो ,मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ , स्वास्थ्य मंत्री छत्तीसगढ़ को पूरे सबूत के साथ पत्र लिखा तथा इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाया था , उसी के परिणाम स्वरूप दोनों डॉक्टरों का ट्रांसफर किया गया तथा दोनों के ऊपर जांच कमेटी बिठाया गया है ।इसके लिए मैं अपने प्रदेश के लीगल एडवाइजर मोहम्मद सगीर सर , प्रदेश उपाध्यक्ष एवं लीगल एडवाइजर यामिनी बघेल जी तथा पूरे आई एच् आर ओ टीम को धन्यवाद देता हूँ एवं बधाई देता हु की एक आदर्श टीम हमारी बन रही है ।


दिनांक-19/9/2020 से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है , जिसमे रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर का एक एस्टमेटेड बिल 10 लाख रुपये का वायरल हो रहा है। आई. एच. आर. ओ. छत्तीसगढ़ की टीम के संज्ञान में उक्त विषय आने पर टीम ने इस मुद्दे पर स्टैंड लेने का निर्णय लिया और मामले की सच्चाई जानने के लिए पीड़ित परिवार से उक्त बिल में दिए हुए नम्बर पर फ़ोन कर संपर्क किया तो वहां से एक महिला ने फोन उठाया और उन्होंने बताया कि यह सच है और मरीज उनका बेटा है, उसके इलाज के लिए उन्होंने अपने गहने गिरवी रख कर 2 लाख रुपये जमा किये है और हॉस्पिटल प्रशासन उनसे लगतार पैसे की मांग कर रहा है । यह बताते हुए वे रो पड़ी की उनके पास और पैसे जुटाने का कोई साधन नही है। मरीज महिला का एक मात्र पुत्र संतान है, मार्च महीने से लॉक डाउन के कारण वैसे ही वे आर्थिक समस्या से जूझ रहे है, उस महिला की हृदय विदारक अवस्था बया करना मुश्किल है, कि वे कितनी मानसिक एवं आर्थिक पीड़ा से गुजर रहे है। हमारे आई. एच. आर. ओ. छत्तीसगढ़ की टीम द्वारा पहल करने के बाद कुछ मीडिया बंधुओं ने तत्परता दिखाते हुए इस विषय को अपने वेब मीडिया में प्रकाशित किया। हम मानव अधिकार संगठन शासन से इस मुद्दे में निष्पक्ष जाँच की मांग करते है एवं दोषियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करने का आग्रह करते है । 22 sep 2020 आवांछित बिल मुद्दे पर छत्तीसगढ़ आई एच आर ओ टीम की सफलता दोस्तो मुझे बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि अंतराष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन के पहल से जो मुद्दा हमने हॉस्पिटल के एस्टिमेट बिल का उठाया था , उसमे कुछ सामाजिक संस्था एवं पत्रकारों ने भी हमारा साथ दिया इसका परिणाम यह हुआ कि हॉस्पिटल प्रबन्धन ने स्वयं सामने आकर त्रुटि को दस्वीकार कर माफी मांगी है और आश्वाशन दिया है कि इस गलती को सुधारते हुए वे वास्तविक राशि ही लेंगे और पीड़ित पक्ष को राहत प्रदान करेंगे ।